Top 5 This Week

Related Posts

गोड्डा का छुपा हुआ खजाना: चिहारी पहाड़, जहाँ शांति भरा सुकून और रोमांच दोनों साथ मिलते हैं।

गोड्डा का छुपा हुआ खजाना: चिहारी पहाड़, जहाँ शांति भरा सुकून और रोमांच दोनों साथ मिलते हैं ।

दोस्तों जब मैं पिछले कुछ दिनोंपहले मुझे गोड्डा ज़िले के पथरगामा प्रखंड में स्थित चिहारी पहाड़ जाने का मौका मिला, और सच कहूँ तो वहाँ पहुँचते ही मन को अलग ही सुकून मिला। चारों तरफ हरियाली, शांत वातावरण और पहाड़ की ऊँचाई से दिखता प्राकृतिक नज़ारा ऐसा था, जिसे शब्दों में पूरी तरह बयान करना मुश्किल है। मैं जब पहाड़ की चोटी की ओर बढ़ रहा था, तब ठंडी हवा, पक्षियों की आवाज़ और जंगल की खुशबू ने पूरे सफर को यादगार बना दिया। यही वजह है कि मैं यह लेख अपने व्यक्तिगत अनुभव के आधार पर लिख रहा हूँ, ताकि जो लोग गोड्डा या पथरगामा घूमने का प्लान बना रहे हैं, वे इस खूबसूरत जगह को मिस न करें।

अगर आप झारखण्ड राज्य के रहने वाले हैं और गोड्डा ज़िले में किसी ऐसे स्थान की तलाश में हैं जहाँ प्रकृति की शांति, हरियाली और पहाड़ों का रोमांच एक साथ देखने को मिले, तो पथरगामा में स्थित चिहारी पहाड़ आपके लिए परफेक्ट डेस्टिनेशन हो सकता है। ऊँचे पहाड़,के साथ साथ घने जंगल, ठंडी हवाएँ और स्थानीय आस्था से जुड़ा यह स्थल आज भी भीड़-भाड़ से दूर एक अनदेखा पर्यटन स्थल बना हुआ है। खास बात यह है कि चिहारी पहाड़ न सिर्फ घूमने वालों, एडवेंचर पसंद करने वाले ही नहीं  बल्कि फोटोग्राफी और ट्रैकिंग के शौकीनों के बीच भी काफी लोकप्रिय है तथा एक रमणीय प्राकृतिक स्थल है।

चिहारी पहाड़ का भौगोलिक परिचय

दोस्तों पथरगामा के पास मे स्थित चिहारी पहाड़ एक ऊँचा और घना जंगलों से घिरा हुआ पहाड़ है। यहाँ की मिट्टी, पेड़-पौधे और पहाड़ी चट्टानी संरचना झारखण्ड की प्राकृतिक पहचान को दर्शाती है। पहाड़ की ऊँचाई अधिक होने के कारण यहाँ से आसपास के गाँवों और जंगलों का दृश्य बेहद मनमोहक दिखाई देता है।

स्थान: पथरगामा प्रखंड, गोड्डा ज़िला

राज्य: झारखंड

क्षेत्र: वन एवं पहाड़ी इलाका

गोड्डा बस स्टैंड से मात्र 20 रुपये किराए में चलने वाली मेहरमा ललमटिया रूट की बस के जरिए पथरगमा बस स्टेंड तक जा कर वहाँ से मात्र 10 रुपये का भाड़ा दे कर इस स्थान पर आसानी से पहुंचा जा सकता है. गोड्डा शहर से करीब 15 से 20 किलोमीटर दूर स्थित यह मनमोहक पर्यटन स्थल काफी कम खर्च में घूमनेलायक एक बेहतरीन विकल्प साबित हो रहा है.

Chihari Pahad Godda

चिहारी पहाड़ का धार्मिक महत्व

स्थानीय लोगों के मान्यताओं के अनुसार चिहारी पहाड़ का धार्मिक और आध्यात्मिक महत्व भी है। पहाड़ के आसपास छोटे-छोटे पूजा स्थल और देवी-देवताओं से जुड़ी आस्थाएँ प्रचलित हैं। सावन, चैत्र नवरात्रि और विशेष अवसरों पर यहाँ श्रद्धालुओं की संख्या बढ़ जाती है।

कई लोग मानते हैं कि यहाँ आकर मन को शांति मिलती है और प्राकृतिक वातावरण ध्यान व साधना के लिए उपयुक्त है।

चिहारी पहाड़ की प्राकृतिक सुंदरता

दोस्तों चिहारी पहाड़ चारों ओर से घने जंगल, ऊँचे पेड़,बड़े बड़े चट्टानें,घनी जंगलों और खुला आसमान से घिरा हुआ है। यहाँ जून-जुलाई के समय बरसात के मौसम में यहाँ की कुदरती सुंदरता और भी बढ़ जाती है। हरियाली से ढका पहाड़, ठंडी हवाएँ और पक्षियों की आवाज़ पर्यटकों को और भी अधिक मंत्रमुग्ध कर देती हैं और साथ ही साथ स्थानीय लोग शाम को ढलते सूरज को देखने के लिए अक्सर यहाँ आते रहते क्योंकि इस समय का द्रश्य देखने लायक होता है। यह स्थान (चिहारी पहाड़ ) खासतौर पर: फोटोग्राफी, नेचर वॉक, ट्रैकिं, शांत समय बिताने के लिए मशहूर है।

दोस्तों स्थानीय लोगों के अनुसार यहाँ पे लोग 15 दिसंबर से ही लोग अपने परिवार या दोस्तों के साथ पिकनिक मनाने आना शुरू कर देते हैं। दूसरों का क्या बोले हमलोग कई दोस्त दिसंबर मे ही गए थे। वहाँ का मनमोहक दृश्य देखने लायक होता, सुबह तो और भी अच्छा लगत है ठंड के साथ ऊपर उठते कुहासे ऐसा लगता है की मनाली मे आ गए हो।

ट्रैकिंग और रोमांच के लिए उपयुक्त

चिहारी पहाड़ आजकल के समय के युवा वर्ग के बीच ट्रैकिंग और एडवेंचर के लिए काफी लोकप्रिय है। पहाड़ पर चढ़ने के दौरान रास्ते में जंगल, चट्टानें और प्राकृतिक रास्ते मिलते हैं, जो की युवाओ की रोमांच को और भी बढ़ा देता हैं। हालाँकि यहाँ जाते समय सावधानी रखना जरूरी है क्योंकि रास्ता पूरी तरह विकसित नहीं हुआ है।

चिहारी पहाड़ कैसे पहुँचे?

सड़क मार्ग से

गोड्डा जिला मुख्यालय से पथरगामा तक सड़क मार्ग द्वारा आसानी से पहुँचा जा सकता है। पथरगामा से चिहारी पहाड़ स्थानीय साधनों या पैदल रास्ते से पहुँचा जाता है।

रेल मार्ग से

सबसे नज़दीकी रेलवे स्टेशन गोड्डा रेलवे स्टेशन है। वहाँ से टैक्सी या बस द्वारा पथरगामा पहुँचा जा सकता है।

घूमने का सबसे अच्छा समय

अक्टूबर से फरवरी: मौसम सुहावना रहता है

जुलाई से सितंबर: बारिश के कारण हरियाली सबसे अधिक होती है (लेकिन फिसलन से सावधान रहें)

गर्मी के मौसम में दोपहर के समय जाना थोड़ा कठिन हो सकता है।

Chihari pahar pathargama
Chihari pahar pathargama

स्थानीय लोगों से जुड़ी मान्यताएँ

स्थानीय ग्रामीण लोग चिहारी पहाड़ को पवित्र और संरक्षित स्थल मानते हैं। यहाँ के जंगलों और प्राकृतिक संसाधनों को नुकसान पहुँचाना गलत माना जाता है। इसलिए पर्यटकों से अपेक्षा की जाती है कि वे सफाई और शांति बनाए रखें।

पिकनिक के लिए लोगों की पहली पसंद कियो ?

दोस्तों स्थानीय लोगों का कहना है की चिहारी पहाड़ लोगों के पहली पसंद इस लिए भी हैं क्यों की यहाँ की हरियाली और चारों तरफ से घरी पहाड़ी क्षेत्र लोगों का मन मोह लेता है और तो और जब लोग पिकनिक मनाने आते है तो वहाँ पे परिवार के साथ समय बिताने के लिए वह सारी व्यवस्था है  जैसे की मैदान पानी की व्यवस्था आदि  प्रकार की और तो और जब लोग शाम को डूबते सूरज को देखते है तो उनके जीवन में एक अलग ही जोश भर देता है। और वह डूबता हुआ सीन देख कर लोगों में एक अलग ही अनुभव का एहसास होता है, ऐसा लगता है की यही पर स्वर्ग है ।

निष्कर्ष

चिहारी पहाड़, पथरगामा (गोड्डा) झारखण्ड का एक ऐसा प्राकृतिक स्थल है जो अभी भी भीड़-भाड़ से दूर है। यहाँ की शांति, हरियाली और धार्मिक आस्था इसे खास बनाती है। अगर आप गोड्डा ज़िले में किसी शांत, प्राकृतिक और कम प्रसिद्ध पर्यटन स्थल की तलाश में हैं, तो चिहारी पहाड़ आपके लिए एक बेहतरीन विकल्प हो सकता है।

LEAVE A REPLY

Please enter your comment!
Please enter your name here

Popular Articles