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दमाकोल जलप्रपात , सुंदरपहाड़ी (गोड्डा) – झारखण्ड का छुपा हुआ प्राकृतिक स्वर्ग।

दमाकोल जलप्रपात , सुंदरपहाड़ी (गोड्डा) – झारखण्ड का छुपा हुआ प्राकृतिक स्वर्ग।

दोस्तों जैसे की हम सभी को पता है की अपना झारखण्ड अपनी हरियाली, पहाड़ों, झरनों और आदिवासी संस्कृति के लिए जाना जाता है। इसी झारखण्ड राज्य के गोड्डा जिले में स्थित दमाकोल जलप्रपात, सुंदरपहाड़ी प्रखंड का एक ऐसा ही प्राकृतिक और सांस्कृतिक स्थल है, जो अब धीरे-धीरे पर्यटकों के बीच लोकप्रिय हो रहा है। प्राकृतिक सुंदरता, शांत वातावरण और स्थानीय जीवनशैली का अनोखा संगम दमाकोल को खास बनाता है। आज में इस ब्लॉग मैं वो सब आपके साथ साझा करुगा जो अनुभव और एहसास मुझे वहां जाने पर हुआ था, ताकि पाठकों को दमाकोल जलप्रपात सुंदरपहाड़ी गोड्डा के बारे में पूरी भरोसेमंद और सही जानकारी मिल सके।

दमाकोल जलप्रपात सुंदरपहाड़ी का परिचय

दमाकोल जलप्रपात गोड्डा जिले के सुंदरपहाड़ी प्रखंड के कटलडीह गाँव में स्थित एक प्रसिद्ध प्राकृतिक स्थल है। यह क्षेत्र घने जंगलों, पहाड़ियों और मौसमी (वरसाती ) जलधाराओं से घिरा हुआ है। यहां की सबसे बड़ी खासियत इसका शांत और प्रदूषण‑मुक्त वातावरण है, जो शहर की भागदौड़ से दूर मन को शांति और सुकून देता है। दोस्तों मेरे अनुसार, दमाकोल जलप्रपात उन जगहों में से एक है जहाँ प्रकृति आज भी अपने असली रूप में मौजूद है।

दमाकोल नाम का अर्थ और इतिहास

दोस्तों स्थानीय लोगों के अनुसार, दमाकोल झरना ( जलप्रपात ) नाम का संबंध यहां की भौगोलिक बनावट और वहां के पुराने जलस्रोतों से है। दोस्तों स्थानीय लोगों के अनुसर कहा जाता है कि बरसात के मौसम में यहां जब झरना ऊपर से गिरता हैं तो वहाँ से पानी की तेज धाराएँ बहती हैं, जिनकी गूंज दूर‑दूर तक सुनाई देती है ऐसा लगता है की प्राकृतिक अपनी सुर में संगीत सुन रही हो। दोस्तों ऐतिहासिक रूप से यह क्षेत्र संथाल आदिवासी संस्कृति से जुड़ा हुआ है। जब में स्थानीय बुजुर्गों से बातचीत की तो माना जाना कि दमाकोल क्षेत्र लंबे समय से आदिवासी जीवनशैली का केंद्र रहा है।

प्राकृतिक सुंदरता और वातावरण

दमाकोल झरना यानि ये जलप्रपात, सुंदरपहाड़ी गोड्डा की प्राकृतिक सुंदरता इसे एक आदर्श पर्यटन स्थल बनाती है जो आजकल के युवाओ को काफी पसंद आ रहा हैं। पसंद आए भी कियो ना यहाँ की चारों ओर फैली हरी‑भरी पहाड़ियाँ, साल और सागौन के जंगल, और साफ‑सुथरी हवा यहां आने वाले हर व्यक्ति का मन मोह लेती है। सुबह के समय पहाड़ियों पर छाई हल्की – हल्की धुंध और पक्षियों की चहचहाहट इस जगह को और भी खास बना देती है। मैं यह मानता हूँ कि प्रकृति प्रेमियों के लिए दमाकोल किसी जन्नत से कम नहीं होगी।

 Damakol Sundarpahadi Godda
Damakol Sundarpahadi Godda

दमाकोल में क्या‑क्या देखने को मिलता है

जंगल और पहाड़ी दृश्य

दोस्तों दमकोल झरना के अससपास काफी घाना जंगल और बड़े बड़े और नजदीक मे पहाड़ बोले तो ये झरना भी तो पहाड़ से गिरने वाली पानी से ही ही बना हुआ है इस लिए यहाँ पे पहाड़ी दृश्य और घने जंगल को देखा जा सकता हैं।

सुंदरपहाड़ी प्रखण्ड की कटलडीह गाँव मे स्थित दमाकोल की पहाड़ियाँ ट्रेकिंग और फोटोग्राफी के लिए बेहतरीन हैं। यहां से आसपास के गांवों में पहाड़ों और जंगलों का दृश्य बेहद आकर्षक लगता है।

मौसमी जलप्रपात

बरसात के मौसम में दमाकोल क्षेत्र में छोटे‑छोटे जलप्रपात सक्रिय हो जाते हैं, जो पर्यटकों के लिए खास आकर्षण होते हैं। दोस्तों मेरे अनुसार, यही समय दमाकोल घूमने का सबसे अच्छा माना जाता है पर फिसलन से सावधान खास कर जब उन सीढ़ियों पर जो अभी बहुत पुराना हो गया है और जगह जगह पे रेलीग भी टूट गया हैं।

Damakol

आदिवासी संस्कृति

यहां संथाल और पहाड़िया जनजातियों की संस्कृति देखने को मिलती है। समय समय पर उनके पारंपरिक नृत्य, संगीत और जीवनशैली दमाकोल की पहचान हैं।

दमाकोल कैसे पहुँचे

दमाकोल सुंदरपहाड़ी गोड्डा तक पहुँचने के लिए नीचे दिए गए विकल्प उपलब्ध हैं:

रेल मार्ग: गोड्डा रेलवे स्टेशन सबसे नजदीकी स्टेशन है, जहाँ पर दोस्तों आप स्थानीय वाहन को भाड़ा लेकर या निजी बस से आप सुन्दरपहाड़ी प्रखण्ड तक आना होगा वहाँ से आपको कोई ऑटो या किसी का निजी चार पहिया को भाड़े पे ले कर जाना होगा कियो की इसके बाद बस नहीं चलती हैं। निजी वाहन भाड़े पे लेने के बाद वो आपको सीधे दमकोल तक ले जाएगा अगर उनको भी नहीं पता तो आप वहाँ से चाँदना होते हुवे डमरुहाट और वहाँ से तिलेयपाड़ उसके बाद कटलडीह बस आप फूच गए दमकोल। ।

नोट:- रेल मार्ग से सिर्फ गोड्डा तक ही आ सकते है

दोस्तों मेरा वहां जो अनुभव रहा उसके अनुसार मेरी सलाह हैं कि यात्रा से पहले मौसम की जानकारी जरूर लें।

घूमने का सबसे अच्छा समय

दमाकोल झरना गोड्डा के सुंदरपहाड़ी प्रखंड के छोटे से गाँव कटलडीह में स्थित हैं यहाँ घूमने का सबसे अच्छा समय जुलाई से फरवरी के बीच होता है। बरसात और सर्दियों में यहां की हरियाली और मौसम बेहद सुहावना रहता है। गर्मियों में तापमान थोड़ा अधिक हो सकता है, इसलिए सुबह या शाम के समय घूमना बेहतर रहता है, गर्मी के समय मे दोफ़र को काफी गर्मी और धूप रहती है इसलिए ये समय घमने के लिए उपयुक्त नहीं हटी हैं।

सड़क मार्ग: जैसे की मैंने ऊपर ही बताये की गोड्डा जिला मुख्यालय से सुंदरपहाड़ी के लिए नियमित बस और टैक्सी सुविधा उपलब्ध है उसके बाद आपको निजी वाहनही लेना होगा या फिर आप आगे गोड्डा के आसपास के रहने वाले है तो आप अपने निजी गाड़ी या फिर अंतिम में अपनी बाइक बोले तो अपनी धन्नो को ले के आसानी से जा सकते है।

निकटतम शहर: भागलपुर और दुमका से भी सड़क मार्ग या रेल मार्ग के द्वारा प्राकृतिक की इस सुन्दर सा जलप्रपात दमाकोल पहुँचा जा सकता है।

दमाकोल में ठहरने की सुविधा

वैसे तो दोस्तों दमाकोल में बड़े होटल तो नहीं हैं या साफ – साफ बोले तो वहाँ पे रहने खाने की कोई व्यवस्था तो नहीं है क्योंकि ये जलप्रपात जंगलों के बीच मे है और यहाँ पे अभीतक ये सब सुविधा नहीं हुई है यहाँ जाने से पहले खाने की व्यवस्था पहले से ही कर ले, लेकिन गोड्डा शहर और आसपास के क्षेत्रों में अच्छे होटल और गेस्ट हाउस उपलब्ध हैं। इसके अलावा, कुछ स्थानीय लोग होम‑स्टे की सुविधा भी देते हैं अगर उससे संपर्क करे तो लेकिन इसकी कोई गारंटी नहीं होती है। दोस्तों मेरे अनुसार अगर कोई अपने यहाँ रहने दे देता है तो ,स्थानीय लोगों के साथ ठहरने से यहां की संस्कृति को करीब से समझने का मौका मिलता है।

दमाकोल क्यों है खास

शांत और प्राकृतिक वातावरण

कम भीड़‑भाड़

आदिवासी संस्कृति का अनुभव

फोटोग्राफी और ट्रेकिंग के लिए आदर्श

यही कारण है कि दमाकोल सुंदरपहाड़ी गोड्डा धीरे‑धीरे झारखण्ड के उभरते पर्यटन स्थलों में शामिल हो रहा है।

अक्सर पूछे जाने वाले सवाल (FAQ)

प्रश्न 1: दमाकोल सुंदरपहाड़ी कहाँ स्थित है?

उत्तर: दमाकोल, झारखंड के गोड्डा जिले के सुंदरपहाड़ी प्रखंड के कटलडीह गाँव में स्थित है।

प्रश्न 2: दमाकोल घूमने का सबसे अच्छा समय कौन‑सा है?

उत्तर: जुलाई से फरवरी का समय सबसे उपयुक्त माना जाता है।

प्रश्न 3: क्या दमाकोल परिवार के साथ घूमने के लिए सही है?

उत्तर: हाँ, यह एक शांत और सकुन्न भरा स्थान है, जहाँ परिवार के साथ समय बिताया जा सकता है लेकिन शाम होने से पहले ही वहाँ से निकल जाना उचित है क्योंकि चारों और घना जंगल हैं और कोई उचित व्यवस्था नहीं।

प्रश्न 4: दमाकोल में खाने‑पीने की सुविधा है?

उत्तर: स्थानीय स्तर पर छोटे -मोटे उपलब्ध हैं पर वो भी अक्सर बंद ही रहते है, लेकिन बेहतर सुविधा के लिए गोड्डा शहर में रुकना अच्छा है।

Damakol Godda

निष्कर्ष

दमाकोल सुंदरपहाड़ी गोड्डा उन लोगों के लिए एक बेहतरीन जगह है, जो प्रकृति के करीब रहना चाहते हैं और भीड़‑भाड़ से दूर सुकून भरे पल बिताना चाहते हैं। और अगर आप झारखण्ड के किसी छुपे हुए और खूबसूरत पर्यटन स्थल की तलाश में हैं, तो दमाकोल जरूर आपकी सूची में होना चाहिए।

Damakol Sundarpahadi Godda: A Hidden Natural Paradise in Jharkhand
Damakol Sundarpahadi Godda: A Hidden Natural Paradise in Jharkhand

 

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